आज का शब्द - नादिदा !!
पंकज त्रिवेदी जी ने नादिदा का अर्थ लिखा - लालची
नादीदाओं के घेरे में सदा रहने की आदत तेरी …
वहीँ राजस्थानी में इसे इतराने/अनोखे के सन्दर्भ में लिया जाता है।
नादिदो हुयो घणो , काईं नादीदी बातां करो...
जैसे लड़कियों को घूमने फिरने की स्वतंत्रता देने की बात पर बुजुर्ग रिश्तेदार ताना दे देते हैं -- हुई घणी नादीदी